कोटा। कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (KSTPS) के भीतर श्री सीमेंट के प्लांट में भ्रष्टाचार का एक ऐसा “सिंडिकेट” चल रहा है जिसने ईमानदारी से काम करने वाले ट्रांसपोर्टरों का जीना मुहाल कर दिया है। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड देवेंद्र मेवाड़ा बताया जा रहा है, जिसे श्री सीमेंट के उच्चाधिकारी कटारिया का खुला संरक्षण प्राप्त है।
अधिकारी कटारिया की शह पर ‘मेवाड़ा’ का अवैध साम्राज्य
प्लांट के भीतर चर्चा है कि श्री सीमेंट के अधिकारी कटारिया ने नियमों को ताक पर रखकर देवेंद्र मेवाड़ा को गाड़ियों से संबंधित सारा काम सौंप रखा है। देवेंद्र मेवाड़ा, जो कि वास्तव में सोहेल इंजीनियरिंग (हरभजन जी) के अधीन ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कर्मचारी है, वह अब प्लांट में ‘अघोषित मुनीम’ की भूमिका निभा रहा है।
कैसे चल रहा है वसूली का यह ‘नेक्सस’?
ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार का यह खेल तीन स्तरों पर खेला जा रहा है:
बिल्टी पर अवैध कब्जा: बिल्टी बनाने का काम देवेंद्र मेवाड़ा के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, फिर भी उसने दबाव बनाकर सभी ट्रांसपोर्टरों की बिल्टियां सैलो (Silo) पर रखवा रखी हैं।
अपनी मर्जी से लोडिंग: नियमों के मुताबिक श्री सीमेंट की गाड़ियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन मेवाड़ा पैसों के लालच में अन्य कंपनियों की गाड़ियों को पहले भरवा रहा है।
प्रति गाड़ी ₹500 का ‘गुंडा टैक्स’: आरोप है कि प्लांट से निकलने वाली हर बाहरी गाड़ी से ₹500 की नगद वसूली की जा रही है। इसके अलावा, हर ट्रांसपोर्टर से मासिक (Monthly) बंधी-बंधाई रकम भी वसूली जा रही है।
सोहेल इंजीनियरिंग और हरभजन जी की चुप्पी पर सवाल
श्री सीमेंट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम देख रहे सोहेल इंजीनियरिंग के हरभजन जी के अधीन ही सारा स्टाफ काम करता है। ऐसे में सवाल उठता है कि उनकी नाक के नीचे देवेंद्र मेवाड़ा इतना बड़ा भ्रष्टाचार कैसे कर रहा है? क्या इसमें सोहेल इंजीनियरिंग के प्रबंधन की भी मूक सहमति है?
ट्रांसपोर्टर्स की चेतावनी: नहीं रुकी वसूली तो होगा बड़ा आंदोलन
इस वसूली से परेशान गाड़ी मालिकों का कहना है कि अधिकारी कटारिया और देवेंद्र मेवाड़ा की मिलीभगत से हो रहे इस भ्रष्टाचार की शिकायत अब एसीबी (ACB) और श्री सीमेंट के हेड ऑफिस तक भेजी जाएगी। ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस वसूली तंत्र को खत्म नहीं किया गया और मेवाड़ा को गाड़ियों के काम से नहीं हटाया गया, तो वे प्लांट के बाहर चक्का जाम करेंगे।
सनसनीखेज: कोटा थर्मल में श्री सीमेंट के अधिकारी ‘कटारिया’ और ‘मेवाड़ा’ का नेक्सस! हर गाड़ी पर ₹500 की वसूली, ट्रांसपोर्टर बेहाल
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