कोटा। राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (KSTPS) में लंबे समय से चल रही धांधली का आखिरकार भंडाफोड़ हो गया है। फ्लाई ऐश (राख) विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे को ‘ सांचल न्यूज़’ द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, थर्मल प्रशासन ने आनन-फानन में एक विवादास्पद अभियंता (Engineer) के तबादले का आदेश जारी किया है।
सांचल न्यूज़ की खबर का ‘पावरफुल’ असर
पिछले कुछ समय से फ्लाई ऐश के निस्तारण और इसमें हो रही हेराफेरी की खबरें सामने आ रही थीं। ‘सांचल न्यूज़’ ने इस मामले को निडरता के साथ उजागर किया, जिसके बाद थर्मल के गलियारों में हड़कंप मच गया। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अभियंता का ट्रांसफर होना इस खबर की पहली बड़ी जीत मानी जा रही है।
आदेश या केवल दिखावा?
हालांकि प्रशासन ने ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर दिया है, लेकिन कोटा थर्मल के कर्मचारी और शहर के लोग अब भी संशय में हैं। चर्चा का विषय यह है कि क्या यह ऑर्डर केवल थर्मल की साख बचाने के लिए किया गया एक दिखावा है, या फिर वास्तव में किसी ईमानदार अभियंता की नियुक्ति की जाएगी?
इन सवालों के जवाब का है इंतज़ार:
रिलीविंग में देरी क्यों? आदेश जारी होने के बावजूद, क्या विवादित अभियंता को तुरंत कार्यमुक्त (Relieve) किया जाएगा, या फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
अगला कदम क्या? क्या विभाग को अब एक ऐसा ईमानदार अधिकारी मिलेगा जो भ्रष्टाचार पर लगाम लगा सके?
सिस्टम की सफाई: क्या केवल एक तबादले से फ्लाई ऐश विभाग में चल रही धांधली रुक जाएगी, या उच्च स्तर पर भी जांच होगी?
कोटा थर्मल के इतिहास में यह घटना एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह कार्रवाई ईमानदारी की मिसाल बनेगी या फिर भ्रष्टाचार की परछाईं में दबकर रह जाएगी।Copy of Red Bold News Youtube Thumbnail

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